नौ दिनों तक मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें।
* बेरोजगारी, करियर या शिक्षा में असफलता को दूर करती हैं।
गुप्त नवरात्रि के दौरान देवी दुर्गा की दस महाविद्याओं (काली, तारा, बगलामुखी, त्रिपुरसुंदरी, छिन्नमस्ता, भुवनेश्वरी, धूमावती, मातंगी, कमला और भैरवी) की साधना की जाती है। ये महाविद्याएं साधक को विशेष आध्यात्मिक शक्तियां और सिद्धियां प्रदान करती हैं।
यह समय साधक को आध्यात्मिक शक्ति और आत्मविश्वास प्रदान करता है।
लगा दें इसे, मिटेगा कष्ट-क्लेश, आएगी बरकत!
गुप्त नवरात्रि हिंदू सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक समय मानी जाती है। यह नवरात्रि विशेष रूप से गुप्त साधनाओं, तांत्रिक अनुष्ठानों, और महाविद्या की उपासना के लिए मनाई जाती है। इसे गुप्त इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसकी साधनाएं और अनुष्ठान गुप्त रूप से किए जाते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य आत्म-शुद्धि, शक्ति संचय और देवी के विभिन्न स्वरूपों की आराधना करना है।
मातंगी : श्री ह्रीं क्लीं हूं मातंग्यै फट् स्वाहा:।
ॐ नमो काली कंकाली महाकाली मुख सुन्दर जिह्वा वाली,
दुर्गा सप्तशती, देवी स्तोत्र या महालक्ष्मी मंत्र का पाठ करें।
इसमें पहले कलश को गंगा जल से भरें, उसके मुख पर आम की पत्तियां लगाएं और उस पर website नारियल रखें।
चार वीर भैरों चौरासी, चार बत्ती पूजूं पान ए मिठाई,
कलश के ऊपर नारियल रखें। नारियल को लाल वस्त्र में लपेटकर कलावा से बांधें।
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* बिजनेस आदि में आ रही परेशानियों को दूर करती हैं।
फिर कलश को लाल कपड़े से लपेटें और कलावा के माध्यम से उसे बांधें।